“जीमूतवाहन की कथा” विक्रम बेताल की 16वीं कहानी, राजा विक्रमादित्य
“जीमूतवाहन की कथा” विक्रम बेताल की 16वीं कहानी, राजा विक्रमादित्य जीमूतवाहन की कथा एक अंधेरी और तूफानी रात में, “राजा विक्रमादित्य” ने एक बार फिर “बेताल” नामक धूर्त आत्मा को
“जीमूतवाहन की कथा” विक्रम बेताल की 16वीं कहानी, राजा विक्रमादित्य जीमूतवाहन की कथा एक अंधेरी और तूफानी रात में, “राजा विक्रमादित्य” ने एक बार फिर “बेताल” नामक धूर्त आत्मा को
विक्रम बेताल 13वीं कहानी: राजा विक्रमादित्य ने शिशम्पा वृक्ष से पहले ही की मांति बेताल को नीचे उतारा और उसे अपने कंधे पर डालकर अपने गन्तव्य की ओर चल पड़ा।
Vikram Betal 12 Story Raja Yashketu : एक बार फिर बेताल को अपने कंधों पर उठाकर राजा विक्रमादित्य उस भयानक जंगल से गुज़रे। बेताल ने हमेशा की तरह विक्रम की
बेताल पच्चीसी तीसरी कहानी :राजा विक्रम हर बार बेताल को पेड़ से नीचे उतारता है और पीठ पर लादकर उसे योगी के पास ले जाने के लिए चल देता है।
विक्रम और बेताल की कहानी बेताल पच्चीसी भाग 2 पत्नी किसकी-Betal pachisi bhag-2 Betal pachisi bhag-2: यमुना नदी के किनारे धर्मस्थान नामक एक नगर था। उस नगर में गणाधिप नाम