क्या अक्षत को पूजा का प्यार मिलेगा? प्रेम कहानी दिलचस्प है। दुनियादारी से विरक्त पूजा, पढ़ई में टॉपर। अक्षत का प्रयास, प्रेम की बात है पूजा पढ़िये best School love story ।
Best School love story में पूजा एक बहुत ही होशियार और मेहनती लड़की थी। उसका घर एक छोटे से शहर में था, जहां उसके माता-पिता दोनों ही स्कूल टीचर थे। पूजा बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज थी। उसने इंटरमीडिएट में पीसीएम सब्जेक्ट से टॉप किया था। पूरे स्कूल में उसकी तारीफ होती थी। सब कहते थे कि पूजा जैसी लड़की मिलना मुश्किल है।
क्या अक्षत को पूजा का प्यार मिलेगा? Best School love story.
अब पूजा की उम्र 18 साल की हो गई थी। उसकी जवानी खिल रही थी। उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आंखें और मुस्कान जो किसी को भी खुश कर दे। लेकिन पूजा को इन सब बातों से कोई मतलब नहीं था। वह सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी।
जब इंटर के रिजल्ट आए, तो पूजा का नाम पूरे शहर में फैल गया। उसके पापा ने कहा, “बेटी, तूने हमारा सिर ऊंचा कर दिया।” मम्मी ने उसे गले लगा लिया। पूजा बहुत खुश थी। अब उसे बीएससी में एडमिशन लेना था। उसने शहर के सबसे अच्छे कॉलेज में फॉर्म भरा और आसानी से एडमिशन मिल गया। कॉलेज जाना शुरू हुआ। पूजा रोज सुबह उठती, तैयार होती और बस से कॉलेज जाती।
वहां वह क्लास में सबसे आगे बैठती और हर लेक्चर को ध्यान से सुनती। घर आकर भी पढ़ाई करती। वह दोस्त नहीं बनाती थी। कैंटीन में भी अकेले बैठती और किताब पढ़ती। सब कहते कि पूजा बहुत सीरियस है। लेकिन पूजा को लगता कि पढ़ाई ही उसकी जिंदगी है।
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उम्र का तकाजा था। समय की महिमा थी। पूजा की उम्र में लड़कियां दोस्त बनाती हैं, घूमती हैं, लेकिन पूजा अलग थी। वह सोचती कि अभी पढ़ाई का समय है, बाकी सब बाद में। लेकिन कभी-कभी रात को सोते समय वह सोचती कि जिंदगी में और भी कुछ है क्या? पर जल्दी ही नींद आ जाती ए सो जाती ।
बीएससी के पहले साल में सब कुछ ठीक चल रहा था। फिर एक दिन बायोलॉजी की क्लास में टीचर ने प्रोजेक्ट असाइन किया। प्रोजेक्ट का टॉपिक था “निषेचन क्रिया”। मतलब फर्टिलाइजेशन प्रोसेस। पूजा को यह टॉपिक मिला। टीचर ने कहा कि यह ग्रुप प्रोजेक्ट है। पूजा को अक्षत नाम के लड़के के साथ काम करना था। पूजा ने पहले अक्षत को ज्यादा नोटिस नहीं किया था। लेकिन अब काम साथ करना था। ज्यादा प्रेम कहानियां पढ़ें
अक्षत एक जवान लड़का था। उसकी उम्र 19 साल थी। उसका शरीर सुडौल था। लंबा कद, चौड़े कंधे और चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी। वह कॉलेज में पॉपुलर था। खेलता भी था औए पढ़ाई में भी बहुत अच्छा था। पूजा को लगा कि ठीक है, काम हो जाएगा।
प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। दोनों को लाइब्रेरी में बैठना पड़ता। किताबें पढ़नी पड़तीं। नोट्स बनाने पड़ते। एक साथ उठना-बैठना शुरू हो गया। पहले दिन पूजा थोड़ी शर्माई तब अक्षत ने कहा, “पूजा, तू टॉपर है, तू लीड कर।” पूजा मुस्कुराई और काम शुरू किया। धीरे-धीरे वे ज्यादा समय साथ बिताने लगे। कभी लैब में, कभी कैंटीन में डिस्कस करते।
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एक दिन लाइब्रेरी में किताब लेते समय अनायास उनके हाथ छू गए। पूजा का दिल तेजी से धड़का। अक्षत ने सॉरी कहा, लेकिन पूजा की आंखों में कुछ था। कभी-कभी आंखें मिल जातीं और दोनों की नजरें एक-दूसरे पर रुक जातीं। दोनों को जवानी ने अपनी आगोश में ले लिया था। वे जवान थे, भावनाएं उमड़ रही थीं।
चूँकि प्रोजेक्ट निषेचन क्रिया पर था, उन्हें खुलकर बातें करनी पड़तीं थी। पहले दिन पूजा सकुचाई शब्द बोलने में हिचकिचाई, लेकिन अक्षत ने हंसकर कहा, “यह साइंस है, इसमें शर्माने की क्या बात।” धीरे-धीरे बातें खुलने लगीं। वे प्रोसेस डिस्कस करते, डायग्राम बनाते। निषेचन प्रक्रिया के शब्दों के चलते इसी बीच दोनों में प्यार पनप गया। पूजा को अक्षत अच्छा लगने लगा। अक्षत को पूजा की सादगी पसंद आई।
मिलना जारी हो गया। प्रोजेक्ट के बहाने वे कॉलेज के बाद भी मिलते। कभी पार्क में, कभी कॉफी शॉप में। रोमांस होने लगा। एक दिन अक्षत ने पूजा का हाथ पकड़ा। पूजा ने नहीं रोका, वे बातें करते, हंसते। पूजा की जिंदगी में पहली बार पढ़ाई के अलावा कुछ और आया।
अब कहानी आगे बढ़ती है। रोमांस होने लगा था। दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाते। एक शाम प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद अक्षत ने पूजा को पार्क में बुलाया। पार्क में फूल खिले थे। हवा ठंडी चल रही थी। अक्षत ने पूजा से कहा, “पूजा, मुझे लगता है मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं।” पूजा की आंखें नम हो गईं। उसने कहा, “मुझे भी अक्षत। लेकिन हमें सावधानी से चलना होगा। पढ़ाई महत्वपूर्ण है।” अक्षत ने हामी भरी। वे दोनों ने वादा किया कि प्यार पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगा।
धीरे-धीरे उनका प्यार गहरा होता गया। वे फोन पर बातें करते, मैसेज भेजते। पूजा अब कॉलेज में खुश रहती। दोस्तों से भी बात करने लगी। एक दिन वे दोनों कॉलेज ट्रिप पर गए। ट्रिप में बस में साथ बैठे, अक्षत ने पूजा का हाथ थामा। रात को कैंप फायर में वे साथ नाचे, पूजा को लगा जैसे जिंदगी बदल गई।
लेकिन हर प्यार में मुश्किलें आती हैं। पूजा के घर वाले सख्त थे। उन्हें पता चला कि पूजा किसी लड़के से मिलती है। पापा ने पूजा से पूछा पूजा डर गई। लेकिन उसने सच बता दिया, पापा गुस्सा हुए। कहा, “पढ़ाई करो, प्यार बाद में” पूजा रोई और अक्षत को बताया। अक्षत ने कहा, “चिंता मत करो, हम साथ हैं।”
अक्षत ने अपने घर में बताया। उसके माता-पिता समझदार थे। उन्होंने कहा कि अगर दोनों सीरियस हैं तो ठीक है। लेकिन पहले पढ़ाई पूरी करो। अक्षत ने पूजा को हिम्मत दी और चुपके से मिलते रहे। प्रोजेक्ट खत्म हुआ ,दोनों ने अच्छे मार्क्स पाए।
बीएससी का दूसरा साल शुरू हुआ। अब वे ज्यादा मैच्योर हो गए थे। प्यार और मजबूत हुआ। एक दिन अक्षत ने पूजा को सरप्राइज दिया। उसने एक छोटा सा गिफ्ट दिया – एक किताब जिसमें प्यार की कविताएं थीं। पूजा खुश हो गई, वे शाम को घूमने गए। बारिश हो रही थी दोनों भीग गए। अक्षत ने पूजा को गले लगा लिया और पहली बार उन्होंने किस किया। पूजा को लगा जैसे दुनिया रुक गई।
समय बीतता गया। वे प्लान बनाने लगे। पूजा ने कहा, “अक्षत, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती।” अक्षत ने कहा, “मैं भी। हम शादी करेंगे” लेकिन अभी पढ़ाई बाकी थी। वे मेहनत करते रहे और एग्जाम में दोनों ने अच्छा किया।
बीएससी तीसरे साल में एक प्रॉब्लम आई। अक्षत के पापा का ट्रांसफर दूसरे शहर हो गया। अक्षत को जाना पड़ा। पूजा उदास हो गई। वे फोन पर बात करते वीडियो कॉल करते, लेकिन दूरी मुश्किल थी। एक दिन पूजा बीमार पड़ गई, अक्षत चिंतित हुआ। वह ट्रेन से आया। पूजा को देखा। उसने कहा, “मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा” पूजा ठीक हो गई।
ग्रेजुएशन पूरा हुआ। दोनों ने अच्छे मार्क्स से पास किया। अब जॉब की तलाश। अक्षत को एक कंपनी में जॉब मिली। पूजा ने एमएससी में एडमिशन लिया लेकिन वे मिलते रहे। घर वालों को मनाया। पूजा के पापा मान गए जब उन्होंने अक्षत को देखा तो अक्षत अच्छा लड़का था।
आखिरकार शादी का दिन आया। दोनों की शादी धूमधाम से हुई। पूजा दुल्हन बनी। अक्षत राजकुमार लग रहा था। शादी के बाद वे खुशी से रहने लगे। पूजा ने कहा, “अक्षत, हमारा प्यार प्रोजेक्ट से शुरू हुआ और जिंदगी भर चलेगा।” अक्षत ने मुस्कुराकर कहा, “हां, हमारी लव स्टोरी हमेशा याद रहेगी।”
शादी के बाद वे अपने शहर लौटे। पूजा टीचर बनी। अक्षत अपनी जॉब में तरक्की करता गया। उनका एक प्यारा सा बेटा हुआ। नाम रखा – आरव। पूजा और अक्षत हर साल अपनी पहली मुलाकात की तारीख मनाते। वे उसी पार्क में जाते, जहां पहली बार प्यार का इजहार हुआ था।
एक बार अक्षत ने पूजा को सरप्राइज दिया। उसने उसी लाइब्रेरी में एक छोटा सा प्रोग्राम रखा, जहां उनका प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। उसने पूजा को एक रिंग दी और कहा, “यह हमारी लव स्टोरी की नई शुरुआत है।” पूजा की आंखें भर आईं। उसने अक्षत को गले लगाया और कहा, “हमारी कहानी हमेशा यादगार रहेगी।”
उनका प्यार समय के साथ और गहरा होता गया। बच्चे बड़े हुए। पूजा और अक्षत ने एक स्कूल खोला, जहां गरीब बच्चों को फ्री पढ़ाई दी जाती थी। वे दोनों हमेशा एक-दूसरे का साथ देते। उनकी लव स्टोरी शहर में मिसाल बन गई। लोग कहते, “पूजा और अक्षत का प्यार सच्चा है, जैसे किताबों में लिखा होता है।”
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