Four new labor codes लागू। वेतन 18000 से 24000, पेंशन, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ में क्या होगा?

Hemraj Maurya

भारत सरकार ने किया four new labor codes,The Code on Wages, 2019, The Industrial Relations Code, 2020, The Code on Social Security, 2020, The Occupational Safety और Health and Working Conditions Code, 2020 किया लागू । जाने क्या हैं Four new labor codes और मज़दूर संगठन क्यों कर रहे विरोध। मजदूरों को कैसे मिलेगा लाभ।@labour.gov.in

संगठित और असंगठित क्षेत्र को मिलाकर देश में लगभग 50 करोड़ श्रमिक वर्ग है। इसमें एक बहुत बड़ा वर्ग, जो कि लगभग 90 फीसदी है वह असंगठित क्षेत्र में है। इन चार श्रम सं‎हिताओं (कोड्स) के द्वारा यह सु‎नि‎श्चित किया गया है कि सभी श्र‎मिकों को श्रम कानूनों का लाभ‎ मिलेगा। अब संगठित व असंगठित क्षेत्र के सभी श्र‎मिकों को न्यूनतम मजदरी मिलेगी तथा असंगठित क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को भी सामा‎जिक सुरक्षाएं ‎मिल पाएंगी।

इस पोस्ट में क्या है? show

What are the Four New labor codes?

भारत सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने, सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने और व्यापार करने में आसानी लाने के उद्देश्य से इन चार संहिताओं को लागू किया है।

  •  मज़दूरी संहिता, 2019 (The Code on Wages, 2019):
  •  The Code on Wages मजदूरी, बोनस और समान पारिश्रमिक से संबंधित कानूनों को समेकित करती है।
  •  औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (The Industrial Relations Code, 2020):
  •  The Industrial Relations Code ट्रेड यूनियनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रोजगार की शर्तों और औद्योगिक विवादों के समाधान से संबंधित है।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (The Code on Social Security, 2020):
  • The Code on Social Security सामाजिक सुरक्षा (जैसे कि भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, बीमा, मातृत्व लाभ) से संबंधित कानूनों को एकीकृत करती है।
  • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता, 2020 (The Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020):
  •  यह कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर काम करने की स्थितियों से संबंधित है।

सरकार ने New labor codes क्यों लागू किया और क्या लाभ हैं?

इन संहिताओं को लागू करने का मुख्य उद्देश्य श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण और सरलीकरण करना है।

New labor codes के मुख्य उद्देश्य और लाभ

  कानूनों का सरलीकरण (Simplification of Laws): 29 पुराने, जटिल और खंडित कानूनों को चार संहिताओं में समेट दिया गया है, जिससे अनुपालन का बोझ कम होगा और Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा।

  सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा (Universal Social Security): पहली बार गिग वर्कर्स (Gig Workers) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।

  न्यूनतम वेतन की गारंटी (Minimum Wage Guarantee): सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) का वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया गया है, चाहे वे संगठित हों या असंगठित क्षेत्र में।

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  समानता को बढ़ावा (Promoting Equality): समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया गया है और लिंग आधारित भेदभाव को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया है। महिलाओं को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है।

  श्रम कल्याण (Worker Welfare): श्रमिकों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) देना अनिवार्य कर दिया गया है। 40 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  अनुपालन में सुधार (Improved Compliance): व्यवसायों के लिए एकल पंजीकरण, एकल लाइसेंस और एकल रिटर्न की अवधारणा लागू की गई है। ढ़े Four New labor codes pdf

श्रमिकों को क्या लाभ होगा?

ये four new labor codes मुख्य रूप से भारत के श्रमिकों, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ पहुंचाती हैं:

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New labor codes के लाभविवरण
सामाजिक सुरक्षाभविष्य निधि (PF), बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी, और मातृत्व लाभ का व्यापक कवरेज।
न्यूनतम मज़दूरीपूरे देश में सभी क्षेत्रों के श्रमिकों को न्यूनतम जीवन स्तर सुनिश्चित करने वाली एक राष्ट्रीय फ्लोर वेज से जुड़ी न्यूनतम मज़दूरी की गारंटी।
गिग/प्लेटफॉर्म वर्कर्सपहली बार औपचारिक कानूनी पहचान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच, और कल्याण कोष में योगदान का प्रावधान।
कार्य-दशा में सुधारसुरक्षित और स्वास्थ्यकर कार्य वातावरण, ओवर टाइम के लिए दोगुना भुगतान, और काम के निश्चित घंटे।
लाभों की सुवाह्यताआधार से जुड़े सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) के माध्यम से श्रमिकों को उनके सामाजिक सुरक्षा लाभों को राज्यों के बीच स्थानांतरित करने (Portability) की सुविधा।
महिलाओं के लिए अवसरनाइट शिफ्ट और खतरनाक माने जाने वाले कुछ कार्यों में भी सुरक्षा के साथ काम करने की अनुमति, जिससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

संक्षेप में, ये संहिताएं श्रमिकों के जीवन में गरिमा, सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं।

Four new labor codes का संक्षिप्त सार

1. मज़दूरी संहिता, 2019 (The Code on Wages, 2019)

New labor codes न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम और समान पारिश्रमिक अधिनियम जैसे चार पुराने कानूनों को एक करती है। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश में सभी श्रमिकों के लिए मजदूरी, बोनस और समान पारिश्रमिक से संबंधित प्रावधानों को सरल और सार्वभौमिक बनाना है।

 प्रमुख प्रावधान:

राष्ट्रीय फ्लोर वेज (National Floor Wage): केंद्र सरकार एक ‘राष्ट्रीय फ्लोर वेज’ निर्धारित करेगी, जो पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी की सीमा तय करेगी। कोई भी राज्य सरकार इस फ्लोर वेज से कम न्यूनतम मजदूरी निर्धारित नहीं कर सकती। इससे देश के हर कोने में श्रमिकों के लिए जीवन का एक न्यूनतम स्तर सुनिश्चित होता है।

  सार्वभौमिक कवरेज: यह The Code on Wages संगठित और असंगठित, दोनों क्षेत्रों के सभी कर्मचारियों पर लागू होती है, जिससे सभी श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी और समय पर वेतन का अधिकार मिलता है।

  लिंग समानता: ‘समान काम के लिए समान वेतन’ (Equal Pay for Equal Work) के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया गया है। यह संहिता लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को प्रतिबंधित करती है, जिससे महिला श्रमिकों को समान अवसर और समान वेतन सुनिश्चित होता है।

  समय पर भुगतान: The Code on Wages वेतन और बोनस के भुगतान के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करती है, जिससे कर्मचारियों को उनके पारिश्रमिक के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता। यह जुर्माने और कानूनी प्रक्रियाओं को भी तर्कसंगत बनाती है।

2. औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (The Industrial Relations Code, 2020)

यह संहिता ट्रेड यूनियन अधिनियम, औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम और औद्योगिक विवाद अधिनियम जैसे तीन पुराने कानूनों की जगह लेती है। The Industrial Relations Code का उद्देश्य ट्रेड यूनियनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रोजगार की शर्तों और औद्योगिक विवादों के समाधान से संबंधित कानूनों को समेकित करना और आधुनिक बनाना है।

प्रमुख प्रावधान:

ट्रेड यूनियनों को पहचान: The Industrial Relations Code दो या दो से अधिक ट्रेड यूनियनों के गठन और मान्यता के लिए स्पष्ट प्रावधान प्रदान करती है। इसमें वार्ताकार यूनियन (Negotiating Union) की अवधारणा को परिभाषित किया गया है, जो औद्योगिक शांति स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 हायरिंग और फायरिंग में लचीलापन: The Industrial Relations Code  में अब 300 कर्मचारियों तक वाले प्रतिष्ठानों को अब छंटनी (retrenchment), तालाबंदी (lockout) या प्रतिष्ठान बंद करने के लिए सरकार की पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं होगी (पहले यह सीमा 100 कर्मचारियों की थी)। यह प्रावधान उद्योग को परिचालन में अधिक लचीलापन प्रदान करता है, हालांकि इससे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं, जिसके लिए सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को मजबूत किया गया है।

 विवाद समाधान तंत्र: विवादों को तेजी से निपटाने के लिए औद्योगिक न्यायाधिकरणों की स्थापना की गई है। इसमें विवाद समाधान के लिए एक सरल प्रक्रिया को अपनाया गया है, जिसमें विवादों को अदालत के बाहर सुलझाने पर भी जोर दिया गया है।

 कर्मचारी पुनर्सिलिपीकरण (Reskilling) कोष: छंटनी किए गए कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने और उन्हें नई नौकरी पाने में मदद करने के लिए एक पुनर्सिलिपीकरण कोष के निर्माण का प्रावधान है।

3. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (The Code on Social Security, 2020)

The Code on Social Security नौ पुराने सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कानूनों को एक व्यापक ढांचे में समाहित करती है। यह भारत की श्रम शक्ति के एक बड़े हिस्से, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और प्लेटफॉर्म वर्कर्स, को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर केंद्रित है।

 प्रमुख प्रावधान:

 गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का समावेशन: The Code on Social Security की सबसे बड़ी विशेषता है। पहली बार गिग वर्कर्स (Gig Workers) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया है। केंद्र सरकार इनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बनाएगी, जिसके लिए एग्रीगेटर्स (जैसे ज़ोमैटो, ओला, उबर) को अपने वार्षिक कारोबार के 1-2% तक का योगदान करना होगा, जो 5% से अधिक नहीं होगा।

 सार्वभौमिक सुरक्षा: यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), ग्रेच्युटी, कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और मातृत्व लाभ जैसे लाभों को सभी क्षेत्रों और सभी प्रकार के श्रमिकों तक बढ़ाया जाए।

 ग्रेच्युटी में बदलाव: निश्चित अवधि के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के भुगतान की पात्रता को समाप्त कर दिया गया है। अब एक साल की सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी मिल सकती है।

 आधार-आधारित लाभों की पोर्टेबिलिटी: सामाजिक सुरक्षा लाभों को आधार संख्या से जोड़ा जाएगा। इससे श्रमिक जब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं, तो उनके लाभों की पोर्टेबिलिटी (लाभों को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाना) सुनिश्चित होती है।

4. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता, 2020 (The Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020)

यह संहिता तेरह पुराने कानूनों को एक करती है जो कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर काम करने की स्थितियों से संबंधित हैं। इसका मुख्य फोकस कार्यस्थल को सुरक्षित और स्वस्थ बनाना है, खासकर जोखिम भरे उद्योगों और महिला श्रमिकों के लिए।

प्रमुख प्रावधान:

सुरक्षित कार्य वातावरण: यह संहिता सभी प्रतिष्ठानों के लिए एक सुरक्षित और स्वास्थ्यकर कामकाजी माहौल प्रदान करना अनिवार्य करती है। इसमें उपयुक्त मशीनरी, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE), स्वच्छता और पर्याप्त वेंटिलेशन शामिल हैं।

 महिला सशक्तिकरण: यह महिलाओं को सुरक्षा उपायों के साथ रात में (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे के बीच) काम करने की अनुमति देती है। इसके अलावा, यह खतरनाक व्यवसायों में महिलाओं के रोजगार पर लगे प्रतिबंधों को हटाती है, जिससे उनके लिए रोजगार के अवसर खुलते हैं।

 कवरेज का विस्तार: यह संहिता अब 10 या अधिक कर्मचारियों वाले सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होती है, जो पहले की तुलना में अधिक व्यापक है।

 निश्चित अवधि का रोजगार (Fixed-Term Employment): यह निश्चित अवधि के रोजगार को कानूनी मान्यता प्रदान करती है। ऐसे कर्मचारी नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और लाभों (जैसे ग्रेच्युटी) के हकदार होंगे, जिससे उनके शोषण को रोका जा सके।

 अन्य कल्याणकारी प्रावधान: इसमें श्रमिकों को मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच (40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए), कैंटीन की सुविधा और छुट्टी यात्रा रियायत (LTC) का प्रावधान भी शामिल है।

ये Four new labor codes, बहुत श्रमिक समर्थक हैं। अब वे सभी लाभ और सामाजिक सुरक्षा के हकदार हैं, भले ही निश्चित अवधि के लिए काम पर रखा गया हो। श्रम सुधार रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ न्यूनतम मजदरी सुधार सुनिश्चित करेंगे, अनौपचारिक क्षेत्र में श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेंगे और सरकारी हस्तक्षेप को कम करके श्रमिक को मजदरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे और श्रमिकों की व्यावसायिक सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे। इस प्रकार बेहतर काम का माहौल बनाने में योगदान होगा। पिछले कु छ हफ्तों में, हमने वह सब कर दिया है जो हमने करने के लिए तय किया था।


1,200 से अधिक धाराओ (sections) वाले सभी केंद्रीय श्रम कानूनों को सिर्फ चार कोड्स में समाहित कर दिया गया है। अब सिर्फ एक रजिस्ट्शन, एक एसेसमेंट और एक रिटर्न फाइल करनी होगी। आसान अनुपालन के साथ, इससे व्यवसायों को निवेश करने और कर्मचारी और नियोक्ता (employer) के लिए विन-विन स्थिति के लिए एक स्थिर व्यवस्था बनेगी।

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