प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है! अब जंगली जानवरों से फसल का नुकसान और धान की फसल में जलभराव (बाढ़) भी बीमा के दायरे में आएगा। PM Fasal Bima Yojana new update के तहत क्या हैं नए नियम, कैसे करें 72 घंटे में शिकायत, और किन राज्यों को मिलेगा ज्यादा फायदा? जानें पूरी जानकारी इस ब्लॉग पोस्ट में। यह PM Fasal Bima Yojana का नया अपडेट किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
भारत की आत्मा हमारे गाँव और खेती में बसती है, और आप, यानी हमारे किसान, इस आत्मा के रक्षक हैं। लेकिन खेती का काम जोखिम भरा है—कभी सूखा, कभी बाढ़, कभी ओले, और अब तो जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इन सभी जोखिमों से आपको बचाने के लिए ही केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की थी।
और अब, आपके लिए एक बड़ी खबर है! सरकार ने PM Fasal Bima Yojana new update के तहत दो बहुत महत्वपूर्ण और लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा कर दिया है। यह बदलाव आपके लिए एक वरदान की तरह है, क्योंकि अब आपकी फसल का बीमा कवरेज और भी मजबूत हो गया है।
आइए, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है? इसके नए अपडेट और नियमों को विस्तार से समझते हैं।
PM Fasal Bima Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, या कीटों के हमले के कारण होने वाले भारी फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना किसानों द्वारा भुगतान किए जाने वाले कम प्रीमियम (खरीफ के लिए 2%, रबी के लिए 1.5%, और बागवानी के लिए 5%) पर फसलों का बीमा करती है, जबकि प्रीमियम की शेष बड़ी राशि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर सब्सिडी के रूप में वहन करती हैं, जिससे यह योजना अत्यधिक किफायती बन जाती है।
- सम्बंधित लेख.. What is the Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana (PMSBY)? Learn about the benefits of PMSBY.
- PM Jeevan Jyoti Bima Scheme मात्र ₹436 वार्षिक जमा ₹2 लाख का जीवन बीमा
- Best Shop Insurance Policy in India 2025 – Best Coverage, Premium & Claim Guide.
PM Fasal Bima Yojana केवल खड़ी फसल को ही नहीं, बल्कि बुवाई से पहले के जोखिम (बुवाई न कर पाने) और कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में रखी गई फसल के नुकसान को भी कवर करती है, जिससे किसानों को उनके जोखिमों के विरुद्ध एक व्यापक सुरक्षा कवच मिलता है। PM Fasal Bima Yojana का उद्देश्य फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को त्वरित और पारदर्शी तरीके से दावा राशि प्रदान करके खेती में उनकी निरंतरता और आय की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने PM Fasal Bima Yojana में दो अहम नुकसानों को शामिल करने की घोषणा की है। ये नियम खरीफ 2026 की फसल से लागू होंगे।
1. जंगली जानवरों से फसल नुकसान का कवरेज (Wild Animal Attack)
बढ़ते शहरीकरण और जंगल कटने के कारण जंगली जानवर (जैसे हाथी, नीलगाय, जंगली सूअर, बंदर आदि) अब अक्सर खेतों में आकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। यह नुकसान अब तक PM Fasal Bima Yojana में शामिल नहीं था, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता था।
नया नियम क्या है?
- जंगली जानवरों से होने वाले फसल के नुकसान को अब स्थानीयकृत जोखिम (Localized Risk) कैटेगरी के तहत पाँचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में मान्यता दी गई है।
- राज्य सरकारें उन जंगली जानवरों की लिस्ट जारी करेंगी जिनसे फसल को नुकसान होता है, और उन जिलों या बीमा इकाइयों की पहचान करेंगी जहाँ यह खतरा सबसे ज्यादा है।
- कैसे मिलेगा फायदा?: अगर आपकी बीमित फसल का नुकसान जंगली जानवर करते हैं, तो आपको इसकी सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप (Crop Insurance App) पर देनी होगी। सूचना के साथ जियो-टैग्ड फोटो (Geo-tagged Photographs) अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि नुकसान का सही और पारदर्शी मूल्यांकन हो सके।
यह भी पढ़ सकते है
- YouTube Videos को Google के पहले पेज पर कैसे लाएं? जानें 2026 के 10 SEO सीक्रेट्स!
- Youtuber के लिए Made On YouTube 2026 आइडिया से लेकर थंबनेल तक सब कुछ करेगा AI.
- One year bed course की 10 साल बाद शानदार वापसी, अब कम समय और कम फीस में बनें शिक्षक
- उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को झटका, UP Teachers TET Exam समाप्त नहीं. TeT Exam Mandatory
- Family ID Old Age Pension scheme: अब 60 की उम्र होते ही, बिना आवेदन मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन
2. धान की फसल में जलभराव (Inundation of Paddy Crop)
बाढ़ प्रभावित और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश या नदियों के ओवरफ्लो होने के कारण धान (Paddy) की फसल में लंबे समय तक जलभराव यानी पानी भरा रहता है, जिससे पूरी फसल नष्ट हो जाती है। PM Fasal Bima Yojana के तहत 2018 में इसे स्थानीय आपदा से हटा दिया गया था, लेकिन अब इसे फिर से शामिल कर लिया गया है।
नया नियम क्या है?
- धान की फसल में होने वाले जलभराव (Inundation) को अब फिर से स्थानीयकृत आपदा की कैटेगरी में दोबारा शामिल किया गया है।
- इससे बाढ़ प्रभावित राज्यों, जैसे ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के धान किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
- PM Fasal Bima Yojana new update का यह कदम किसानों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
PM Fasal Bima Yojana के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलू
PM Fasal Bima Yojana एक ऐसी योजना है जो किसानों को बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक सभी अप्राकृतिक जोखिमों (Non-Preventable Risks) से सुरक्षा देती है।
1. प्रीमियम दरें और सब्सिडी (Premium Rates & Subsidy)
यह योजना इतनी किफायती है क्योंकि इसमें किसान को बहुत कम प्रीमियम देना पड़ता है। यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी खासियत है।
| फसल का प्रकार (Crop Type) | किसान द्वारा देय अधिकतम प्रीमियम (Premium Payable by Farmer) |
| खरीफ की फसलें (Kharif Crops: धान, मक्का, ज्वार आदि) | 2% |
| रबी की फसलें (Rabi Crops: गेहूँ, चना, सरसों आदि) | 1.5% |
| वाणिज्यिक/बागवानी फसलें (Commercial/Horticultural Crops) | 5% |
सरकारी सब्सिडी (Government Subsidy): किसान द्वारा दी गई प्रीमियम की राशि से ऊपर का शेष पूरा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं। इस सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
2. कौन-कौन से जोखिम कवर होते हैं? (Risks Covered)
PM Fasal Bima Yojana में निम्नलिखित चरणों में होने वाले नुकसान शामिल होते हैं:
- बुवाई से पहले/बुवाई न हो पाना (Prevented Sowing): मौसम की प्रतिकूलता (Adverse Weather) के कारण बुवाई न कर पाने पर भी कवर मिलता है।
- खड़ी फसल का नुकसान (Standing Crop Loss): सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट या बीमारी आदि से नुकसान।
- स्थानीयकृत आपदाएँ (Localized Calamities): ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, और नए अपडेट के अनुसार जंगली जानवरों का हमला और जलभराव।
- फसल कटाई के बाद का नुकसान (Post-Harvest Losses): कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में सूखाने के लिए रखी गई फसल को चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान।
3. आवेदन और दावा प्रक्रिया (Application and Claim Process)
PM Fasal Bima Yojana का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध हैं।
- आवेदन: आप PMFBY पोर्टल (pmfby.gov.in) पर या बैंक/कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।
- अनिवार्यता: कर्ज लेने वाले किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य नहीं है, वे इससे बाहर निकल सकते हैं (Opt-out)। अन्य सभी किसान स्वैच्छिक रूप से जुड़ सकते हैं।
- दावा रिपोर्टिंग: नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, बैंक, कृषि विभाग या फसल बीमा ऐप के माध्यम से सूचना देना सबसे महत्वपूर्ण है। PM Fasal Bima Yojana new update में 72 घंटे का नियम अब जंगली जानवरों के नुकसान पर भी लागू होगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किया गया यह PM Fasal Bima Yojana new update किसानों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है। जंगली जानवरों और जलभराव जैसी नई चुनौतियों को बीमा के दायरे में लाकर सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश के किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि ये नियम खरीफ 2026 से लागू होंगे, पर यह PM Fasal Bima Yojana को और भी शक्तिशाली बना देगा।
आप सभी किसानों से अनुरोध है कि अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं और इस लाभदायक योजना का हिस्सा बनें।
सामान्य प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQ)
प्रश्न 1: PM Fasal Bima Yojana new update के तहत जंगली जानवरों से नुकसान का कवरेज कब से शुरू होगा?
उत्तर: यह नया कवरेज खरीफ 2026 की फसल से लागू होगा।
प्रश्न 2: धान में जलभराव का नुकसान किस कैटेगरी में शामिल किया गया है?
उत्तर: धान में जलभराव (Paddy Inundation) को फिर से स्थानीयकृत आपदा की कैटेगरी में शामिल किया गया है। यह PM Fasal Bima Yojana के तहत किसानों को बड़ी राहत देगा।
प्रश्न 3: नुकसान होने पर कितने समय में शिकायत दर्ज करानी होती है?
उत्तर: नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य है।
प्रश्न 4: PM Fasal Bima Yojana का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: आप किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। यह योजना किसानों को सुरक्षा प्रदान करती है।
प्रश्न 5: PM Fasal Bima Yojana के तहत खरीफ फसलों के लिए किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
उत्तर: खरीफ फसलों के लिए किसान को अधिकतम 2% प्रीमियम देना होता है, बाकी का प्रीमियम सरकार वहन करती है।
